नया अटेंडेंस सिस्टम /नशे में ऑफिस पहुंचे तो चेहरा देखकर सॉफ्टवेयर कर लेगा पहचान, एचआर को भेजेगा अलर्ट

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  • चेन्नई की रैमको कंपनी ने बनाया फेशियल रिकग्निशन अटेंडेंस सिस्टम, यह चेहरे और सांसों का विष्लेषण कर बताएगा कर्मचारी नशे में है या नहीं
  • कंपनी का दावा, अटेंडेंस सिस्टम में लगा ब्रीथ एनालाइजर 100 प्रतिशत सटीक जवाब देने में है सक्षम

लाइफस्टाइल डेस्क. अब जल्द ही अल्कोहल लेने वालों को ऑफिस में एंट्री नहीं मिलेगी। चेन्नई की रैमको कंपनी ने ऐसा फेशियल रिकग्निशन अटेंडेंस सिस्टम तैयार किया है जो सांसों की गति को पढ़कर बता देगा कि आप कितने नशे में हैं। फेशियल रिकग्निशन अटेंडेंस सिस्टम में ब्रीथ एनालाइजर का प्रयोग किया गया है। जो कर्मचारी के चेहरे और सांसों का विष्लेषण करेगा और नशे में होने पर जानकारी कंपनी के एचआर को जानकारी भेजेगा।

कंपनी का अगला कदम ड्रग लेने वालों की पहचान करना

1. कंपनी का दावा है कि ब्रीथ एनालाइजर 100 प्रतिशत सही जवाब देने में सक्षम है। इस तकनीक से ऑफिस में नशा करने वालों की पहचान आसानी से होगी और वर्कप्लेस में बेहतर माहौल बनेगा। कंपनी के सीईओ, विरेंदर अग्रवाल का कहना है कि वह ऐसा सॉफ्टवेयर बनाने पर भी काम कर रहे हैं जो नशे के साथ ड्रग लेने वाले लोगों को भी पकड़ सकेगा क्योंकि भारत में ड्रग्स लेने वालों की संख्या भी बढ़ती जा रही है।

2. भारत में भी ऐेसे मामले कई बार सामने आ चुके हैं। आरटीआई से मिली जानकारी के मुताबिक, डीजीसीए ने एक सवाल के जवाब में बताया है कि 2015 में 171 पायलटों ने विमान उड़ाने से पहले नशा किया था। इनमें कुछ अंतरराष्ट्रीय फ्लाइट भी थीं। जून में दिल्ली जल निगम के एक कर्मचारी का अल्कोहल लेते हुए वीडियो वायरल हुआ था, जिसके बाद उसे सस्पेंड किया गया था।

3. जर्मनी में हुई एक रिसर्च में सामने आया था कि भारत में 2010-2017 के बीच अल्कोहल लेने वालों की संख्या 38% बढ़ गई है। जिसका बुरा असर ऑफिस में काम करने वालों और माहौल पर पड़ रहा है। यह ऑफिसकर्मियों की सुरक्षा पर भी सवाल उठा रहा है। कंपनी का कहना है कि समय पर जानकारी देकर यह सॉफ्टवेयर शराब सेवन के कारण होने वाली बड़ी दुर्घटना को रोकने में सक्षम है।

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