भारत ने चौथे दिन जीते 56 मेडल, सैग में पूरा किया मेडलों का शतक

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वुशु खिलाड़ियों और तैराकों के दमदार प्रदर्शन से भारत ने दक्षिण एशियाई खेलों (सैग) के चौथे दिन गुरुवार को 56 मेडल जीते जिससे उसके कुल मेडलों की संख्या सैकड़े को पार कर गई है और उसने शीर्ष पर अपनी स्थिति मजबूत कर ली है। भारत ने खेलों के किसी एक दिन अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। उसके नाम पर अब 62 गोल्ड, 41 सिल्वर और 21 ब्रॉन्ज मेडल सहित कुल 124 मेडल दर्ज हो गए हैं। वह दूसरे नंबर पर काबिज मेजबान नेपाल से काफी आगे निकल गया है। नेपाल ने 36 गोल्ड, 27 सिल्वर और 38 ब्रॉन्ज मेडल जीते हैं और वह 101 मेडल के साथ दूसरे स्थान पर है। श्रीलंका (17 गोल्ड, 35 सिल्वर और 55 ब्रॉन्ज) तीसरे स्थान पर है। भारत ने गुरुवार को 30 गोल्ड, 18 सिल्वर और आठ ब्रॉन्ज मेडल जीते।

भारत ने अधिकतर मेडल तैराकी, वुशु, भारोत्तोलन और ऐथलेटिक्स में जीते। वुशु में भारत ने सात गोल्ड मेडल हासिल किये। सूरज सिंह ने पुरुष गुंशू ऑलराउंड स्पर्धा में पहला गोल्ड मेडल जीता। इसके बाद वाई सनथोई देवी (महिला संसू 52 किग्रा), पूनम (महिला 75 किग्रा), दीपिका (महिला 70 किग्रा), सुशीला (महिला 65 किग्रा), रोशिबिना देवी (महिला 60 किग्रा) और सुनील सिंह (पुरुष 52 किग्रा) ने अपनी अपनी स्पर्धाओं में सोने के तमगे जीते।

विद्यापति चानू ने महिला 56 किग्रा में ब्रॉन्ज हासिल किया। तैराकी में भारत ने चार गोल्ड, छह सिल्वर और एक ब्रॉन्ज सहित 11 मेडल जीते। लिखित सेल्वराज प्रेमा ने पुरुषों के 200 मीटर ब्रेस्टस्ट्रोक (शार्ट कोर्स) में दो मिनट 14.67 सेकंड का समय लेकर गोल्ड मेडल जीता जबकि दानुश सुरेश ने सिल्वर मेडल हासिल किया। अपेक्षा देयला फर्नाडिस ने महिलाओं के 200 मीटर ब्रेस्टस्ट्रोक में गोल्ड जीता। दिव्या सतिजा ने महिलाओं की 100 मीटर बटरफ्लाई और महिला 400 मीटर फ्री स्टाइल रिले टीम ने भी अपनी स्पर्धाओं में पहला स्थान हासिल किया।

भारत ने भारोत्तोलन में चार गोल्ड मेडल जीते। इस साल के शुरू में एशियाई भारोत्तोलन चैम्पियनशिप में सिल्वर मेडल जीतने वाली झिली डालाबेहड़ा ने महिलाओं के अंडर 45 किग्रा वर्ग में कुल 151 किग्रा (स्नैच में 66 किग्रा और क्लीन एवं जर्क में 85 किग्रा) वजन से पीला तमगा अपने नाम किया। महिलाओं की अंडर 49 किग्रा स्पर्धा में स्नेहा सोरेन ने पहला स्थान हासिल किया। 18 साल की भारोत्तोलक ने स्नैच में 68 किग्रा और क्लीन एवं जर्क में 89 किग्रा के वजन से कुल 157 किग्रा का भार उठाया। महिलाओं की 55 किग्रा स्पर्धा में कॉमनवेल्थ चैंपियनशिप की गोल्ड मेडलधारी सोरोखाईबाम बिंदियारानी देवी विजेता रहीं। मणिपुर की इस भारोत्तोलक ने कुल 181 किग्रा का वजन उठाया। भारत के लिए दिन का चौथा और अंतिम गोल्ड मेडल सिद्धांत गोगोई ने पुरूष 61 किग्रा वर्ग में 264 किग्रा का वजन उठाकर हासिल किया।

ताइक्वांडो में भारत ने तीन गोल्ड, दो सिल्वर और एक ब्रॉन्ज मेडल प्राप्त किया। पूर्वा दत्त दीक्षित (महिला 49 किग्रा), रुचिका भावे (महिला 67 किग्रा) और मार्गरेट मारिया (महिला 73 किग्रा) ने भारत के लिए गोल्ड जबकि नीरज चौधरी (पुरुष 58 किग्रा) और अक्षय हुड्डा (पुरुष 87 किग्रा) ने सिल्वर मेडल जीते।

लक्ष्या ने इसके बाद पुरुषों के 80 किग्रा भार वर्ग में ब्रॉन्ज मेडल जीता। एथलेटिक्स में भी छह मेडल भारत ने अपने नाम किए लेकिन इनमें केवल एक गोल्ड शामिल है। त्रिकूद में कार्तिक उन्नीकृष्णन ने 16.47 मीटर कूद लगाकर पहला स्थान हासिल किया। भारत के ही मोहम्मद सलाहुद्दीन ने सिल्वर मेडल हासिल किया। सुरेंद्र जयकुमार (पुरुषों की 110 मीटर बाधा दौड़), अपर्णा रॉय (महिलाओं की 100 मीटर बाधा दौड़) और प्रिया हैबथानहाली (महिलाओं की 400 मीटर) ने सिल्वर जबकि केएस जीवन (पुरुष 400 मीटर) ने ब्रॉन्ज मेडल जीता।

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