दिल्ली में भी पहुंचा कोरोना वायरस, बचाव के लिए करें ये 6 उपाय

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चीन के वुहान शहर से शुरू हुए कोरोना वायरस का संक्रमण अब पूरी दुनिया में कहर बरपा रहा है। चीन के बाद ईरान, हांगकांग, जापान, इटली समेत कई देशों को अपनी चपेट में लेने के बाद अब इसने भारत में भी दस्तक दे दी है। बता दें, इस जानलेवा वायरस से अब तक लगभग 3000 लोग अपनी जान गवां चुके हैं, जबकि 90 हजार लोग इस वायरस से संक्रमित हैं।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने सोमवार को भारत में कोरोना वायरस से संक्रमण के दो मामलों की पुष्टि की है। मंत्रालय के अनुसार कोरोना वायरस से संक्रमित एक व्यक्ति दिल्ली में तो दूसरा तेलंगाना में पाया गया है। मंत्रालय के अनुसार दिल्ली के जिस व्यक्ति के कोरोना वायरस से संक्रमित होने की पुष्टि हुई है उसने हाल में इटली की यात्रा की थी। इस व्यक्ति का इलाज राम मनोहर लोहिया अस्पताल में इलाज चल रहा है। जबकि इस वायरस से संक्रमित होने वाला दूसरा व्यक्ति हाल ही में दुबई की यात्रा से लौटा था।

कोरोना वायरस लोगों के लिए सिरदर्द इसलिए भी बना हुआ है क्योंकि अभी तक किसी भी देश के पास इसका इलाज मौजूद नहीं है। ऐसे में कुछ सावधानी बरतकर हम इस संक्रमण से खुद को दूर रख सकते हैं। आइए जानते हैं आखिर कैसे।

नियमित तौर पर हाथ धोएं-
दिन में कई बार हाथों को कम से कम 20 सेकेंड तक धोएं। इसके अलावा हाथों से बैक्टीरिया साफ करने के लिए एक अच्छे सेनेटाइजर का भी इस्तेमाल कर सकते हैं।

लोगों से उचित दूरी बनाकर रखें-
अपने आसपास के लोगों के साथ कम से कम 3 फीट का फासला बनाए रखें। जिन लोगों को खांसी या जुकाम हो उनसे भी दूर रहें।


नाक, मुंह और आंखों को बार-बार न छुएं-
कई लोग अक्सर अपनी नाक, मुंह और आंखों को बार-बार हाथ लगाते रहते हैं। इस वायरस से बचना चाहते हैं तो ऐसा बिल्कुल न करें। ऐसा इसलिए आपके हाथ कई चीजों को छूते हैं। ऐसे में उन पर कई तरह के वायरस लगे हो सकते हैं। हथेली पर लगे वायरस नाक, मुंह या आंखों के जरिए शरीर में प्रवेश कर सकते हैं।

छींकते वक्त टिशू का इस्तेमाल करें-
अपने आसपास सफाई का ख्याल रखें। ध्यान रहे कि छींकते या खांसते वक्त नाक और मुंह को टिशू से ढंक लें और तुरंत बाद इस टिशू को डस्टबीन में फेंक दें।

बुखार, खांसी-जुकाम को हल्के में न लें-
अगर आपको बुखार, खांसी है या सांस लेने में परेशानी हो रही है तो तुरंत डॉक्टर से मिलें। कोशिश करें कि घर पर ही रहें। डॉक्टर से तुरंत संपर्क करने से बीमारी को शुरुआत में ही पकड़ा जा सकता है।

मोबाइल की स्क्रीन को साफ रखें-
हमारे हाथ में 24 घंटे रहने वाले स्मार्टफोन की स्क्रीन वायरस का बड़ा अड्डा है। स्क्रीन पर मेथिसिलिन रसिस्टेंट स्टेफाय्लोकोक्स औरीयास (एमआरएसए) नाम के जीवाणु होते हैं। अपने स्मार्टफोन को हफ्ते में एक बार डिसइंफेटिंग वाइप्स से साफ जरूर करें। ये वाइप्स फोन में ऊपरी भाग में रहने वाले सभी कीटाणुओं को खत्म कर देते हैं।

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