इन सितारों ने बीच में ही छोड़ दिया बॉलीवुड, पकड़ ली आध्यात्म की राह

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33 साल की सना खान शो बिज़ की चकाचौंध छोड़कर आध्यात्म की राह पर चल पड़ी हैं. उनके इस फैसले से उनके फैन्स हैरान हैं लेकिन फिल्मी दुनिया में ऐसा पहली बार नहीं हो रहा है. कई ऐसे सितारे रहे हैं जिन्होंने नाम, पैसा, शोहरत छोड़कर धर्म के रास्ते को चुना और ईश्वर में मन लगाया.

फिल्म ‘जय हो’ और रियलटी टीवी शो ‘बिग बॉस 6’के जरिए पहचान बना चुकीं एक्ट्रेस सना खान ने आध्यात्म की राह पकड़ ली है. उन्होंने शो बिजनेस छोड़ दिया है जिसकी जानकारी उन्होंने सोशल मीडिया पर दी. उन्होंने कहा है कि वह अब मानवता की सेवा करेंगी और अल्लाह के बताए रास्ते पर चलेंगी.

वैसे सना के अचानक फिल्म इंडस्ट्री छोड़ने के फैसले से सब हैरान जरूर हैं लेकिन ऐसा पहली बार नहीं हुआ है. इससे पहले भी कई सितारे फ़िल्मी दुनिया की रंगीनियत और चकाचौंध को छोड़कर आध्यात्म के रास्ते पर जा चुके हैं. आइए नजर डालते हैं कुछ ऐसे ही सेलेब्स पर…

1) विनोद खन्ना

विनोद खन्ना 80 के दशक में टॉप स्टार थे. लोग उनके सफल करियर को देखते हुए उन्हें अमिताभ बच्चन का रिप्लेसमेंट मानने लगे थे लेकिन अचानक उन्होंने सब कुछ छोड़कर आध्यात्म अपना लिया जिससे सब हैरान रह गए. विनोद ओशो की शरण में चले गए. उन्होंने उनके आश्रम में 5 साल काटे और माली तक का काम किया. ओशो की शरण में जाते ही विनोद ने फिल्मों और अपने परिवार को त्याग दिया. हालांकि, उन्होंने फिर वापसी की और फिल्म ऐलान में नजर आए लेकिन फिर उनके लिए फिल्मों में राह उतनी आसान नहीं रही.

2) जायरा वसीम

जून 2019 में नेशनल अवॉर्ड विजेता अभिनेत्री ने भी बॉलीवुड छोड़कर सबको चौंका दिया था. इसकी वजह भी धार्मिक थी. जायरा के मुताबिक, उन्हें शो बिजनेस में काम करके खुशी नहीं मिली, क्योंकि यह उनके धार्मिक विश्वासों में दखलअंदाजी कर रहा था।” जायरा ने बतौर एक्ट्रेस ‘दंगल’, ‘सीक्रेट सुपरस्टार’ और ‘द स्काई इज पिंक’ जैसी फिल्मों में काम किया था.

3) मंदाकिनी

‘राम तेरी गंगा मैली’के जरिए पहचान बनाने वाली अभिनेत्री मंदाकिनी ने भी बॉलीवुड छोड़कर बौद्ध धर्म अपना लिया था. उन्होंने 1995 में बुद्धिस्ट संत काग्यूर रिनपोचे से शादी करके बौद्ध धर्म अपना लिया था. अब फिल्मों से दूर रहकर मंदाकिनी मुंबई में हर्बल सेंटर चलाती हैं जहां वह तिब्बती योग सिखाने का काम भी करती हैं.

4) अनु अग्रवाल

‘आशिकी’ गर्ल के नाम से मशहूर अनु ने कई फिल्मों में काम किया लेकिन 1990 में आई फिल्म आशिकी की जितनी पॉपुलैरिटी उन्हें कहीं नहीं मिली. 1996 में अनु ने फिल्म इंडस्ट्री को अलविदा कह आध्यात्म की ओर कदम बढ़ाए. 1999 में उनका एक गंभीर एक्सीडेंट हुआ जिसके बाद वह कोमा में चले जाने के बाद उनकी याददाश्त तक चली गई थी. तीन साल ट्रीटमेंट के बाद उनकी याददाश्त वापस आई. अनु ने फिर योग की और कदम बढ़ाए और अब ठीक होकर वह गरीब बच्चों को योग सिखाने का काम करती हैं.

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