वाई-फाई में आ रही है दिक्‍कत तो अपनाएं ये ट्रिक्‍स, सुपरफास्‍ट हो जाएगा इंटरनेट

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अधिकतर इंटरनेट सर्विस प्रोवइडर (Internet service Provider) आपके घर में एक ऐसा बेसिक मॉडम राउटर इन्‍स्‍टॉल करते हैं, जिसके सिग्‍नल घर में हर जगह तक नहीं पहुंच पाते.

नई दिल्ली: इन दिनों ज्यादातर लोग अभी वर्क फ्रॉम होम (Work from Home) कर रहे हैं. वाई-फाई (WiFi) के ठीक से काम न करने वजह से झुंझलाहट होना स्‍वाभविक भी है. अपने काम पर ध्‍यान दें या फिर बार-बार ग्रीन से हो रही सिग्‍नल्‍स की लाइटस को देखें. सर्विस प्रोवडर की तरफ से स्‍पीड और कनेक्‍शन में कहीं कोई भी गड़बड़ी नहीं होती फिर सिग्नल ठीक से नहीं आ पाता और हम एक फाइल अटैचमेंट के लिए घंटों इंतजार कर रहे होते हैं. अगर आपके साथ भी ऐसा हो रहा है तो इन टिप्‍स को अपनाएं और फिर देखें कैसे आपके नेट की स्‍पीड KB से MB में तब्‍दील हो जाती है.

वाई-फाई आज किसी की जरूरत बन गया है घर के सारे स्‍मार्ट गैजेट वाई-फाई के कारण ही एक दूसरे से कनेक्‍ट हैं. इंटरनेट बंद तो समझो सब बंद. दरअसल, अधिकतर इंटरनेट सर्विस प्रोवइडर (Internet service Provider) आपके घर में एक ऐसा बेसिक मॉडम राउटर इन्‍स्‍टॉल करते हैं, जिसके सिग्‍नल घर में हर जगह तक नहीं पहुंच पाते.

समय-समय पर करें रीबूट

आपकी कोशिश यही रहनी चाहिए कि आपका राउटर ऐसी जगह इंस्‍टॉल किया गया हो जो घर के बीचोंबीच हो. किसी एक कोने पर वाई-फाई के सिग्‍नल ट्रांसमिशन में कई रूकावटें आती हैं. राउटर किसी सेंटर पोजिशन में होगा तो आप कहीं भी जाएं सिग्‍नल आते रहेंगे. आपकी कोशिश होनी चाहिए कि जहां भी राउटर इंस्‍टॉल हो वो आपके सिर के ऊपर हो. वाई-फाई सिग्‍नल बिना रूकावट आप तक पहुंचते रहें इसके लिए इसे समय-समय पर रीबूट करना भी जरूरी है. रीबूट करने के लिए राउटर को कुछ देर तक ऑफ कर दें और फिर ऑन कर दें. लेकिन ध्यान रहे कि ये गलती से रीसेट न हो जाए. ऐसे में सर्विस प्रोवइडर ही इस समस्या को ठीक कर सकता है.

रिपीटर कर सकते हैं इंस्‍टॉल

कई बार वाई फाई सिग्‍नल का कोने-कोने तक पहुंचना बेहद मुश्किल भी हो जाता है. ऐसे में रिपीटर आपके राउटर से वाई-फाई सिग्नल रिसीव करेगा और उसके कवरेज एरिया को बढ़ा देगा. रिपीटर से कनेक्ट होने के लिए डब्लूपीएस सबसे आसान तरीका है. इसके लिए आपको अपने राउटर के डब्लूपीएस को इनेबल करने के साथ रिपीटर के डब्लूपीएस बटन को ऑन करना होगा.

कुछ और बातों का भी रखें ध्‍यान

-सबसे पहले तो अपने घर अपना स्मार्टफोन लेकर पूरे घर या ऑफिस में घूमें और वाई फाई सिग्नल स्ट्रेंथ पर नजर बनाए रखें. जैसे ही सिग्नल जीरो हो जाए वही जगह डेड जोन होती है. इसे करने के लिए आप वाई फाई एनेलाइजर ऐप का भी इस्तेमाल कर सकते हैं.

-यदि आपका राउटर बिल्डिंग के एक कोने में है और डेड जोन उसके ठीक विपरीत कोने में है तो साफ है कि समस्या दूरी की ही है. इससे बचने के लिए आप अपने राउटर को किसी बीच के स्थान पर शिफ्ट कर सकते हैं, इससे समस्या का समाधान जल्दी ही हो जाएगा.

-वैसे तो जितने भी नए राउटर्स हैं वो कम कंजस्टेड चैनल पर अपने आप ही शिफ्ट हो जाते हैं पर कुछ सस्ते राउटर्स ऐसा नहीं कर पाते. वाई फाई एनेलाइजर एप की मदद से आप सबसे कम कंजस्टेड चैनल पहचान सकते हैं.

-कोई भी राउटर या वाई-फाई संबंधी हार्डवेयर यदि बहुत पुराना हो गया है तो उसे बदलना ही सही होता है, इससे नेटवर्क की परफॉर्मेंस बेहतर होती है.

-यूएसबी अडैप्टर्स (USB Adapter) भी काफी काम की चीज है क्योंकि ये एक्सटर्नल हार्डवेयर छोटी से छोटी बैंडविड्थ को भी पकड़ लेता है.

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