इंटीरियर डिजाइनिंग के नाम पर चला रहे थे वर्चुअल सेक्‍स रैकेट, अंग प्रर्दशन की दी जाती थी ट्रेनिंग

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इंटीरियर डिजाइनिंग और आर्किटेक्‍ट के नाम पर वर्चुअल सेक्‍स रैकेट चलाने वाले गिरोह का गुजरात पुलिस ने भंडाफोड़ किया है. रे-डिज़ाइन वर्ल्ड की आड़ में जिस्‍मफरोशी का गंदा काम चल रहा था.

एएनआई की खबर के अनुसार, वडोदरा पुलिस ने रे-डिज़ाइन वर्ल्ड की आड़ में जिस्‍मफरोशी का गिरोह चलाने वाले मास्‍टरमाइंड नीलेश गुप्‍ता को पकड़ लिया है जबकि उसकी साथी अमी परमार फरार हो गई है.

पिछले डेढ़ साल से चल रहे इस धंधे की खुफिया जानकारी पुलिस को लगी थी जिसमें ये पाया गया था कि अलग-अलग राज्‍यों से जरूरतमंद लड़कियों को पॉर्न वेबसाइट पर अंग प्रर्दशन की बाकायदा ट्रेनिंग दी जा रही थी.

ये सारा खेल नीलेश गुप्‍ता की रशियन पत्‍नी के अकांउट से चलता था जिसमें बिटकॉइन के जरिए लेनदेन होता था.

डीसीपी संदीप चौधरी ने बताया कि पुलिस ने 30 बिटकॉइन वॉलेट और सवा करोड़ रुपये के करीब 9.45 बिटकॉइन जब्‍त किए हैं. इसके साथ ही कई लैपटॉप, वेबकैम भी बरामद किए. पुलिस की मानें तो इस सेक्‍स रैकेट में कई और लोग भी शामिल हो सकते हैं जिनकी आपस में कड़ी तलाशी जा रही है.

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