JioMart के फ्रेंचाइजी पार्टनर बनेंगे किराना स्टोर्स, रिलायंस नहीं करेगी Grocery और FMCG प्रोडक्ट्स की डायरेक्ट बिक्री

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फिलहाल कुछ महीनों के लिए हाइब्रिड मॉडल पर ही काम किया जाएगा.

रिलायंस रिटेल (Reliance Retail) अब जियोमार्ट के जरिए ग्रॉसरी और FMCG प्रोडक्ट्स की बिक्री नहीं करेगी. अब जियोमार्ट फ्रेंचाइजी मॉडल के जरिए किराना स्टोर्स ही अपने आसपास के ग्राहकों को इन प्रोडक्ट्स की बिक्री कर सकेंगे.

नई दिल्ली. रिलायंस रिटेल (Reliance Retail) अपने ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर पैकेज्ड फूड, ग्रॉसरी और FMCG प्रोडक्ट्स की बिक्री नहीं करेगी. इन प्रोडक्ट्स की बिक्री के लिए कंपनी किराना स्टोर्स फ्रेंचाइजी पार्टनर्स की मदद लेगी जो अपने आसपास के ग्राहकों को सीधे तौर पर इन उत्पादों की बिक्री कर सकेंगे. रिलायंस रिटेल ने अमेजन, ग्रोफर्स और बिगबास्केट को देखते हुए अपनी रणनीति में बदलाव करने का फैसला किया है.

दो ​वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि ये किराना स्टोर्स रिलायंस या अन्य जगहों से प्रोडक्ट्स खरीद सकेंगे. अगर जियोमार्ट के जरिए कोई प्रोडक्ट ऑर्डर किया जाता है और किराना स्टोर पर यह स्टॉक में नहीं है तो रिलायंस रिटेल इसकी सप्लाई करेगी. मार्जिन दोनों के बीच बराबर बांटा जाएगा. हालांकि, रिलायंस फल और सब्जियों की बिक्री करती रहेगी.

रिलायंस ने अपने B2B कैश एंड कैरी स्टोर फॉर्मेट से भी निकलने का ऐलान किया है. रिलायंस मार्केट अब किराना स्टोर्स को B2B प्रोडक्ट डिलीवरी के लिए फुलफीलमेंट सेंटर के तौर पर काम करेगा. नजदीकी किराना स्टोर्स ऑनलाइन ऑर्डर कर सकेंगे और फिर उनके स्टोर्स तक प्रोडक्ट्स की​ डिलीवरी की जाएगी.

जून तिमाही में जियोमार्ट किराना स्टोर्स के जरिए ग्राहकों को प्रोडक्ट उपलब्ध कराने के इस सिस्टम में 30 शहरों के जरिए शुरू करेगा. इसके लिए 56,000 से ज्यादा किराना स्टोर्स के साथ करार किया जा चुका है. शुरुआती तौर पर इसे वहीं लागू किया जाएगा, जहां जियोमार्ट काम कर रही है. फिलहाल अप्रैल तक 100 शहरों में किराना स्टोर्स को ​जियोमार्ट से जोड़ने का काम चल रहा है.

अधिकारी ने बताया, ‘चूंकि, किराना स्टोर्स को शामिल करना एक लंबी प्रक्रिया है, अगले कुछ महीनों तक जियोमार्ट हाइब्रिड मॉडल के तहत किराना स्टोर्स और पिन कोड के आधार पर सेल्स जारी रखेगी.’ उन्होंने कहा, ‘लेकिन, एक समय के बाद एफएमसीजी और ग्रॉसरी की डायरेक्ट बिक्री से बाहर निकल जाएगी.’

पिछले सप्ताह ही रिलायंस ने स्पष्ट किया था कि वो कॉन्ट्रैक्ट या कारपोरेट फार्मिंग का काम नहीं करेगी. कंपनी कृषि युक्त ज़मीन भी नहीं खरीदेगी. दरअसल, नए कृषि कानूनों के खिलाफ हो रहे प्रदर्शन की आड़ में अराजक तत्वों ने पंजाब स्थित रिलायंस के स्टोर्स और जियो टावरों को नुकसान पहुंचाया था.

अभी तक, रिलायंस अपनी ई-कॉमर्स साइट व ऐप जियोमार्ट के जरिए प्राप्त ऑर्डरों को पूरा करने के लिए अपने रिटेल नेटवर्क के माध्यम से ग्रॉसरी और एफएमसीजी प्रोडक्ट्स पहुंचाती है. कोरोना वायरस महामारी में ग्राहक स्टोर जाने की जगह ऑनलाइन ही खरीदारी कर रहे हैं. यही कारण है कि फूड और ग्रॉसरी की ऑनलाइन सेल में तेजी देखने को मिल रही है.

जियोमार्ट पर हर रोज करीब 3 लाख से ज्यादा फूड एंड ग्रॉसरी के ऑर्डर्स आते हैं. इसमें से करीब 70 फीसदी खरीदार रेगुलर ग्राहक हैं. रिलायंस के पास 50 से 80 हजार वर्ग फीट में फैले हुए 51 रिलायंस मार्केट हैं. कंपनी ने इसमें 26 स्टोर्स को रिलायंस स्मार्ट सुपरमार्केट्स में तब्दील कर दिया है. इनमें से बचे हुए अन्य स्टोर्स को बी2बी सेंटर के तौर पर तैयार किया जाएगा.

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