Covid-19: क्या एक साथ 2 मास्क पहनने से कम हो जाता है Corona Infection का खतरा?

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दुनियाभर के तमाम देशों में कोरोना वायरस के खिलाफ टीकाकरण अभियान शुरू हो गया है. इसके बाद कोविड-19 बीमारी से संक्रमित होने वाले मरीजों और मृतकों के आंकड़े में भले ही थोड़ी कमी आयी हो लेकिन अब भी कोरोना वायरस पर पूरी तरह से काबू नहीं पाया गया है. कोरोना वायरस की बढ़ती संक्रामकता को देखते हुए अमेरिका के सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन CDC ने एक साथ दो फेस मास्क का इस्तेमाल करने की सलाह दी है. लेकिन क्या सचमुच 2 मास्क पहनने से कोविड-19 से बचा जा सकता है?

कोरोना संक्रमण से बचने के लिए पहनें डबल मास्क

अमेरिका के संक्रामक रोगों के विशेषज्ञ डॉ एंथनी फॉसी की मानें तो कोरोना वायरस सामान्यतः नाक और मुंह के रास्ते ही शरीर में प्रवेश करता है. ऐसे में अगर एक साथ 2 मास्क का उपयोग किया जाए और नाक और मुंह को सही तरीके से ढंका जाए तो इस वायरस के संक्रमण से बचा जा सकता है. CDC का सुझाव है कि अगर लोग कपड़े वाले फैब्रिक मास्क (Cloth Mask) का इस्तेमाल कर रहे हैं तो वह मास्क ऐसा होना चाहिए जिसमें 2 या इससे अधिक लेयर्स हों. मास्क पहनते वक्त ध्यान रखें कि वह आपकी नाक और मुंह को अच्छी तरह से कवर करे और चेहरे के साइड में किसी तरह का कोई गैप न हो.

2 मास्क देगा एक्सट्रा प्रोटेक्शन

अमेरिका के बॉस्टन यूनिवर्सिटी स्थित संक्रामक रोग के एक्सपर्ट डॉ डेविड हैमर कहते हैं, अगर आपका मास्क ढीला नहीं है और चेहरे पर अच्छी तरह से फिट हो रहा है तो एक मास्क पहनना भी काफी है लेकिन शर्त ये है कि आपका मास्क अच्छा और मल्टीलेयर ला होना चाहिए. लेकिन अगर किसी व्यक्ति को किसी बंद जगह जैसे- हवाई जहाज आदि में लंबे समय तक रहना हो और उन्हें कोविड-19 इंफेक्शन होने पर गंभीर बीमारी का खतरा हो तो ऐसे लोग एक्सट्रा प्रोटेक्शन के लिए 2 मास्क पहन सकते हैं.

सर्जिकल मास्क के ऊपर कपड़े वाला मास्क

सैन फ्रैन्सिसको स्थित यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया में इंफेक्शियस डिजीज एक्सपर्ट डॉ मोनिका गांधी कहती हैं कि अगर आप कोरोना वायरस से अतिरिक्त सुरक्षा चाहते हैं तो बेहतर यही होगा कि आप रेग्युलर सर्जिकल मास्क के ऊपर कपड़े वाला फैब्रिक मास्क पहनें. ऐसा करने से सर्जिकल मास्क फिल्टर के रूप में काम करता है और कपड़े वाला मास्क वायरस को रोकने के लिए फिल्टरिंग की अतिरिक्त परत प्रदान करता है. इंडोर जगहें जहां पर बीमारी के ट्रांसमिशन का खतरा अधिक हो या फिर जहां सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना मुश्किल हो वहां पर डबल मास्किंग फायदेमंद हो सकती है.

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